Wednesday, May 29, 2019

中國經濟將在2030年超過美國

說這番話的是朱佩英, 華為第五代移動通信技術實驗室負責人。她展示了能與新技術聯網的各種新產品:智能牙刷——可收集數據告訴你牙刷有多乾净;智能水杯,可提醒你該喝水了......應有盡有。在這個世界中,凡是你能想到的,都可以被衡量、被分析。
更高端一些,整座城市的方方面面都能聯網:無人駕駛的汽車,建築物的溫度,公交車等等,清單無窮無盡。
業界人士說,華爲的技術以及能向用戶提供的服務領先競爭對手大約一年。
華爲的價格據信也要比競爭對手低大約10%。不過有批評人士說,這是因爲中國政府的補貼。
任正非則說,華爲沒有政府補貼;美國之所以拒絕華爲,是因爲華爲的技術更先進。
他說,「(美國)不可能扼殺掉我們,因爲這個世界離不開我們,因爲我們比較先進。我認爲,即使它説服了更多國家暫時不用我們,我們可以收縮變小一點。」
美國智庫「美國戰略與國際研究中心」(CSIS)的薩克斯(Samm Sacks)說,「那意味著我們無法參與歐洲、亞洲(使用華爲)的融合網絡,讓我們處於非常不利的位置。」實際上,這就好比互聯網分成兩個世界。換句話説,如同分析人士所稱,「數字鉄幕」会將世界分隔成兩部分:一部分用中國公司比如華爲的技術,另一部分不用。鑒於美國向盟友施壓,華爲也在展開强大公關攻勢,爭取贏得客戶和政府部門信任。
近期,沃達豐總裁里德(Nick Read)曾呼籲美國分享有關華爲的證據;歐洲理事會數字單一市場負責人安思普(Andrus Ansip)發推特說,他與華爲輪值CEO會晤,探討了公開、透明的重要性及合作方式。
但是,有關華爲的疑雲仍然沒有消散。
一家安全公司稱,亞洲政府客戶有關華爲的查詢大幅度增加。
為亞洲政府提供咨詢服務、不願意透露姓名的一名分析師說,「有人問我們,華爲是不是負擔?到底應該多擔心?」
面對此類擔憂,任正非持樂觀態度,「相信美國理論(疑心華爲)的國家,我們就等一等,以後再説。有些國家覺得華爲是可信的,那我們就走快一點。」
世界太大了,我們根本都走不過來。」
但是,華爲風波牽涉的並不僅僅是一個公司、一個老總和他的家人。這也被視作兩種世界秩序之爭,誰將主導未來?
中國開放初期,美國總統、比如老布什主張和中國發展關係。
1991年老布什在一次講話中曾說,沒有哪個國家能只進口商品和服務、同時把外國思想阻止在國界以外;民主改變了许多國家,變革一定會來到中國。
有預測顯示,中國經濟將在2030年超過美國。
所有這一切,都是在維持一黨制、中共權位至高無上的前提下實現的。
但是,中國故事也引起了擔憂:能有今天成功是因爲政府對企業的掌控。外界擔憂,中共可能利用這種掌控達到自己的目的。這個目的是什麽?目前仍然不明朗。
澳大利亞戰略政策研究所的凱弗說,「對中國來説,這是一把雙刃劍。(考慮到中國的法律)中共的掌控導致中國公司在擴張過程中幾乎必然引發可以理解、合情合理的疑心。」
此外,在習近平執政期間,中國變得更加專制。
《外交政策》雜志主編泰帕爾曼(Jonathan Tepperman)曾寫道,習近平的做法或許短期内可提升他的威權,在某種程度上可以減輕腐敗,但綜合來看,這將給中國和世界帶來災難性的長期後果。
任正非并不這樣認爲。他堅信中國一定會比從前更加開放。
比如我們的采訪,任正非就說,如果這次會面發生在30年前,對他個人來説一定很危險。現在,他可以直截了當地回答困難問題,這表明中國政治環境比以前更寬鬆
對於中國未來走向,任正非仍然充滿希望。
他説,「中國封閉了五千年,貧窮、落後、沒有富裕過。這三十年就是鄧小平改革開放以後,中國才轉向富裕了。所以,中國必須堅持改革開放的道路繼續往前走。」
中國流傳著這樣一個故事,華爲園區的人工湖中養著黑天鵝。據説任正非這樣做是爲提醒華爲人牢記「黑天鵝」教訓:無法預測、難以防備的災難性事件。
任正非說這只是傳言。但是,一如平鏡的湖水、悠閒游弋的黑天鵝,此情此景不由得讓人浮想聯翩。
對華爲和任正非來説,眼下的局勢充滿不定因素,未來的走向更加難以預測。

Monday, May 6, 2019

'एजेंसियों को इस बारे में मालूम है'

इरफ़ान मुस्तफ़ा पेशे से शिक्षक हैं और पिछले चार महीने से पंजाब के विभिन्न इलाक़ों में क़रीब 10 शादियां करा चुके हैं. बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने बताया, "हमने हर एक शादी बहुत देखभाल कर करवाई है. और ये शादियां अदालतों के ज़रिए हुई हैं. जिनमें लड़की और लड़के को पेश किया जाता है."
इरफ़ान ने चीनी लड़कों से शादी करवाने के बाद चीन में लड़कियों से देह व्यापार की ख़बरों का खंडन करते हुए कहा कि 'ये मीडिया की फैलाई हुई बातें हैं और सच्चाई यह नहीं है.'
उनका कहना है कि ऐसा हर शादी में होता है. वह कहते हैं, "कई बार शादी करने के बाद विचार नहीं मिलते जिसकी वजह से मियां-बीवी में विवाद पैदा हो जाता है. इससे ये इनकार नहीं किया जा सकता कि शादी ज़बरदस्ती की गई है."
साथ ही उन्होंने पूछा कि 'क्या ऐसा हो सकता है कि एक मुल्क से दूसरे मुल्क लड़कियों को तस्करी करके ले जाया जा रहा हो और संबंधित एजेंसियों को ख़बर तक न हो? एजेंसियां जानती हैं कि क्या हो रहा है.'
लेकिन हाल ही में लाहौर के विभिन्न इलाक़ों नादिराबाद, बट चौक, डिवाइन रोड से आठ लड़कियों ने थानों में शिकायत दर्ज करवाई थी. इन शिकायतों में से एक शिकायत फ़राह ज़फ़र के नाम से दर्ज है जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी मां और शादी करवाने वाले संगठन के एक शख़्स ने पैसों के बदले में उनकी ज़बरदस्ती शादी करवाई थी.
इन शिकायतों में लाहौर के कचहरी के इलाक़े से दर्ज एक रिपोर्ट में एक लड़की ने अपने चीनी पति पर हिंसा का आरोप लगाते हुए, कोर्ट में तलाक़ की अपील की है.
कुछ लड़कियों ने दर्ज शिकायत में लिखा कि उनसे कहा गया कि लड़का 'सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर) में कर्मचारी है' लेकिन चीन जाने के बाद पता चला कि ऐसा नहीं है. ज़्यादातर मामलों में एक बार जब लड़की पाकिस्तान से चीन रवाना हो जाए तो फिर उससे संबंध रखना नामुमकिन हो जाता है.
एक पुलिस अधिकारी ने अपनी पहचान न ज़ाहिर करने की शर्त पर बताया है कि उन तमाम मामलों में एक जैसा तरीक़ा इस्तेमाल किया गया है. जिसमें एक महिला, तीन पुरुष किसी ख़ानदान के पास जाते हैं और शादी के ख़र्चे से लेकर चीन जाने तक के सारे इंतज़ाम ख़ुद करवाते हैं.
"कुछ घटनाओं में कहा जा रहा है कि शादियां कामयाब हुई हैं लेकिन ये वह शादियां भी हो सकती हैं जिनमें लड़कियों को सामने आने का मौक़ा नहीं मिला."
पाकिस्तान और चीन की दोस्ती को सीपीईसी से जुड़े हितों के नज़रिये से देखा जाता है. इसीलिए हाल ही में होने वाली घटनाएं और उनके नतीजे में दर्ज होने वाली एफ़आईआर नज़रअंदाज़ हो रही हैं.
इस बारे में बात करते हुए पंजाब असेंबली के सदस्य और मानवाधिकार एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एजाज़ आलम ऑगस्टेन ने बीबीसी को बताया कि 'दो महीने पहले एक चीनी शख़्स को इस्लामाबाद एयरपोर्ट से गिरफ़्तार किया गया क्योंकि उस पर पाकिस्तानी लड़की को ज़बरदस्ती ले जाने का आरोप था.'
उन्होंने बताया कि पंजाब में पादरी और गिरजाघर शादियां करवा रहे हैं.
"इसी वजह से हमने लाइसेंसिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके नतीजे में गिरजाघर यानी चर्च को भी लाइसेंस लेना होगा और वहां पर दुआ करवाने वाले पादरी को भी. ये नहीं होगा कि जो दुआ करवा रहा है वही निकाह भी पढ़वाएगा. ये करने की एक बड़ी वजह ज़बरदस्ती की शादियों को रोकना है."
इस वक़्त चीन में लैंगिक असंतुलन है. यहां पुरुषों की संख्या महिलाओं से कहीं ज़्यादा है, जिसकी एक बड़ी वजह वहां पर 1979 से 2015 तक रही एक बच्चा पॉलिसी भी है.
शोधकर्ताओं के मुताबिक़. चीन में इस पॉलिसी के बाद ज़्यादातर परिवार लड़कों को तरजीह देते हैं. जिसके नतीजे में ये असंतुलन बढ़ा है और हालात ये हैं कि चीनी पुरुष दूसरे देशों की ओर जा रहे हैं. इससे कई ऐसे गिरोह भी सक्रिय हो गए हैं जो इस पूरे घटनाक्रम से लाभ उhttps://verlag.baz.ch/artikel/?objectid=03633817-C19C-4AD0-81267398F03C493Eठाते हुए महिलों को चीन में तस्करी करा रहे हैं.